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कंजंकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, जिसे आमतौर पर "पिंक आई" के रूप में जाना जाता है. रकà¥à¤¤ वाहिकाओं की सूजन या कंजंकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾ में सूजन के कारण होता है. यह à¤à¤• आंख का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो पलक की सतह पर पतली परत को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है जो आंख के सफेद हिसà¥à¤¸à¥‡ को ढकता है. संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¤• वायरस या कà¥à¤› बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण हो सकता है. कà¤à¥€-कà¤à¥€ पराग, धूल के कण, मोलà¥à¤¡, पालतू जानवरों की रूसी, या सौंदरà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤§à¤¨à¥‹à¤‚ के संपरà¥à¤• में आने से à¤à¥€ नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ हो सकता है. कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लेंस और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ कारण हो सकते हैं.
किसी को à¤à¥€ कंजंकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ हो सकता है और यह à¤à¤• या दोनों आंखों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है. अगर संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण जीवाणॠया वायरल है, तो यह बहà¥à¤¤ संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है. हालांकि, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ गैर-संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है और अकà¥à¤¸à¤° अनà¥à¤¯ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से पीड़ित लोगों में देखा जाता है, जैसे कि हे फीवर, असà¥à¤¥à¤®à¤¾ और à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾.
पिंक आई के निदान के लिठकà¥à¤› सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हैं; उदाहरण के लिà¤, आंखों में लाली, खà¥à¤œà¤²à¥€, जलन और पानी निकलना. अगर संकà¥à¤°à¤®à¤£ जीवाणॠया वायरल है, तो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को विशेष रूप से सà¥à¤¬à¤¹ के समय, आंखों से पीले-हरे रंग की पलकों की पपड़ी का अनà¥à¤à¤µ à¤à¥€ हो सकता है. इसके विपरीत, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ दोनों आà¤à¤–ों में होता है, जिससे खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली नाक, छींकने, गले में खरोंच या नाक बंद होने के साथ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है.
जबकि कंजंकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ समय के साथ ठीक हो जाता है, कà¥à¤› को अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के इलाज के लिठटॉपिकल आई डà¥à¤°à¥‰à¤ª या मौखिक दवाओं के साथ उपचार की जरूरत हो सकती है. इस पà¥à¤°à¤•ार के उपचार आमतौर पर जीवाणॠनेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ के लिठनिरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होते हैं. हालांकि, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ के लिà¤, à¤à¤²à¥‡ ही सामयिक सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ आई डà¥à¤°à¥‰à¤ª निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ टà¥à¤°à¤¿à¤—र का निदान करना सबसे अचà¥à¤›à¤¾ समाधान है. इसके अतिरिकà¥à¤¤, वायरल नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ के लिठकोई विशिषà¥à¤Ÿ उपचार नहीं है. आंख पर à¤à¤• ठंडा सेक रखने से मदद मिल सकती है.
इसके अलावा, à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में गैर-संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• और संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ को रोकने के लिठअचà¥à¤›à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने की सलाह दी जाती है. नियमित रूप से हाथ धोना, हाथों को आंखों से दूर रखना और आंख या पलक के संपरà¥à¤• में आने वाली वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को शेयर करने से बचना कà¥à¤› सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ हैं जिनका पालन किया जा सकता है. इसके अलावा, मेकअप विशेष रूप से काजल, कृतà¥à¤°à¤¿à¤® आंखों की पलकों और कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लेंस से बचना बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨à¥€ है जो आंखों में जलन बढ़ा सकते हैं.
नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ आमतौर पर à¤à¤• मामूली आंख का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है; सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ को देखना हमेशा जरूरी नहीं होता है. हालांकि, अगर लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ से अधिक समय तक रहते हैं तो ततà¥à¤•ाल चिकितà¥à¤¸à¤¾ सहायता लेने की सिफारिश की जाती है. अगर अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ छोड़ दिया जाठतो संकà¥à¤°à¤®à¤£ अधिक गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में विकसित हो सकता है.
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